Last Updated:
May 5, 2025

Click here to submit your article
હિન્દી
Per Page :

पद १ : ए गावे पीया प्यारी (राग:सोहनी)

ए गावे पीया प्यारी, ध्रुपद सप्त सूर तीनग्राम एक वीस मूर्छना लेत बनाइ… ए गावे. टेक आरोही अवरोही, अस्ताइ संचाइ धूरन मूरन बरन बरन परन बजाइ… ए गावे. १ गडगडथों गडगडथों, घुमकटतक् घुमकटतक् ताधिलांग् ताधिलांग् मरदंग बाजत सोहाइ… ए गावे. २ प्रेमानंद कहे प्यारी, लेत तान तनननन प्रशंसित श्याम लेत कंठ भुज लगाइ… ए गावे. ३ read more
1 Views : 1933

पद २ : केसरको तिलक भाल (राग: सोहनी)

केसरको तिलक भाल अत रसाल मानु मराल बाल लटक चलत लाल नेननके तारे… केसर० टेक. अधर मधुरी बेंन, चंचल चपल नेंन सेंन हुं में हरत, मेरे प्राण प्यारे… केसर० १ नील कलेवर, चंदनकी कीने खोर वैजयंति माल उर, पीत बसन धारे… केसर० २ करुनानिधान क्हान, हरत मन्मथको मान प्रेमानंद हुंके प्राण, नाथ हमारे… केसर० ३ read more
0 Views : 1488

पद ३ : ए देखे चार चंद (राग: सोहनी)

ए देखे चार चंद एक ठोर जुगल चंद बरन नील, जुगल शशि सोहत बरन गोर… ए देखे० टेक निरख रही नितंबिनी, नवल पीया के संग नये नये नेह भरी, रविजा ऑर… ए देखे० १ चंद संग चार कीर, चार कुद चार प्रवाल चार मीन अलि चार फल, चार अष्ट चकोर… ए देखे० २ प्रेमानंद परम सुंदर छबी, विलोकी थकीत भयो अटकी रह्यो तहां, मन मोर… ए देखे० ३ read more
0 Views : 1780

पद ५ :छेला तेरी छेल छबीली (राग: सोहनी)

छेला तेरी छेल छबीली मीठी बोलनी रे… छेला० मनमोहन मीठी बोलनी के सम, ऑर नहिं जग तोलनीरे… छेला० १ बोलनीमें बस भयो मन मेरो, मिट गइ डगमग डोलनीरे… छेला० २ बचन सुधाझरी जन मन उपर, बरसत परम अमोलनीरे… छेला० ३ प्रेमानंद बस गइ दीलमें, तिल छबी करन कपोलनीरेरे… छेला० ४ read more
0 Views : 1756

पद ६ : लाला तेरी लटकनीमें ललचाइ (राग: सोहनी)

लाला तेरी लटकनीमें ललचाइ रे… लाला० लटकती चाल चलत मनमोहन, मधुर मधुर मुसकाइ रे… लाला० १ जब देखुं मोहन रंग भीने, आनंद उर न समाइ रे… लाला० २ लटकती चाल लाल द्रग चंचल, बीनु देखें कछु न सोहाइ रे… लाला० ३ प्रेमानंद घनश्याम मुरति, निरखत ध्यान लगाइ रे… लाला० ४ read more
0 Views : 1470

पद ७ : क्हाना तेरी मुसकनीमें मन लागो (राग:सोहनी)

क्हाना तेरी मुसकनीमें मन लागो रे… क्हाना० मुसकनी मंद बिलोकी सुंदर, भवसंकट दु:ख भागो रे… क्हाना० १ कुलकी लाज संसारको नातो, तोड दियो जैसें धागो रे… क्हाना० २ सुखसंपत परिवार प्राण मोरे, तुमपर वारी कें त्यागो रे… क्हाना० ३ प्रेमानंद कहे मन मुरतिमें, अचल होइ अनुरागो रे… क्हाना० ४ read more
0 Views : 1961

पद ८ : क्हाना तेरे कारने वेरागन भइ (राग:सोहनी)

हो क्हाना तेरे कारने वेरागन भइ हुं रे… हो क्हाना० लोक कुटुंब परिवार छांडीके, गोकुल आयके रइहुं रे… हो क्हाना० १ तेरे रंग रंग्यो अंतरपट, कर जपमाला लइहुं रे… हो क्हाना० २ सुंदर बदन कमल छबी देखन, निशदिन फेरी दइहुं रे… हो क्हाना० ३ प्रेमानंद के नाथ में तेरी, तुम बिना ऑर न चइहुं रे… हो क्हाना० ४ read more
0 Views : 1187

हो रसिया मैं तो शरण तिहारी (चिंतन में प्रथम पद)

હો રસિયા મૈં તો શરણ તિહારી નહી સાધન બળ વચન ચાતુરી, એક ભરોસાેં શરણે ગિરિધારી… હો રસિયા કડઈ તુંબરીયા મૈં તો નીચ ભૂમીકી, ગુણસાગર પિયા તુમહિ સંવારી… હો રસિયા મેં અતિ દીન બાલક તુમ શરણે, નાથ ન દીજો અનાથ વિસારી… હો રસિયા નીજજન જાની સંભારોગે પ્રીતમ, પ્રેમસખી નીત જાયે બલીહારી… હો हो रसिया मैं तो शरण तिहारी नही साधन बल वचन चातुरी, एक भरोसों शरणे गिरिधारी… हो रसिया कडइ तुंबरीया मैं तो नीच भूमिकी, गुणसागर पिया तुमहि संवारी… हो रसिया मैं अति दीन बालक तुम शरणे, नाथ न दिजो अनाथ बिसारी… हो रसिया नीजजन जानी संभालोगे प्रीतम, प्रेमसखी नीत जाये बलीहारी… हो रसिया read more
1 Views : 1630
Powered By Indic IME